जानिये बिटकॉइन क्या होता है और कैसे काम करता है ?

बिटकॉइन क्या होता है ? | What is Bitcoin ?

बिटकॉइन क्या होता है इसके बारे में आज कल हर व्यक्ती जानना चाहता हैं। बिटकॉइन यह डिजिटल करेंसी है। जो कि अदृश्य है।

हम उसे ना तो देख सकते हैं ना ही छू सकते हैं। हम इसका उपयोग ऑनलाइन लेन-देन में कर सकते हैं। यह एक तरह का सीक्रेट पैसा है जिसे आप वॉलेट में सेव करके रख सकते हो । इसकी मदद से आप इंटरनेट पर किसी भी चीज को खरीद सकते हो, या फिर बेच सकते हो।

यह एक तरह का डिजिटल करेंसी है जिसे आप इंटरनेट पर इस्तेमाल कर सकते हैं। पसंद आया तो और जानिये बिटकॉइन क्या होता है और कैसे काम करता है।

बिटकॉइन कब और किसने बनाया | Who is the founder of Bitcoin?

बिटकॉइन कब और किसने बनाया:- बिटकॉइन को बनाने वाले का नाम सतोषी नाकामोतो था। जिसे जनवरी 2009 में बनाया गया था। इस अविष्कार को बनाने वाला व्यक्ति आज तक दुनिया के सामने नहीं आया है। यह एक मिस्त्री बन चुकी है। बिटकॉइन एक डिजिटल करंसी है। 

बिटकॉइन की किंमत हर साल कितनी बढि | Price Of Bitcoin Increase Every Year?

बिटकॉइन की किंमत हर साल कितनी बढि:- बिटकोईन करेंसी इतना ज्यादा पॉपुलर नहीं थी जिसके वजह से इसकी कीमत काफी कम थी। उस वक्त 2010 में इसकी कीमत करीब करीब $0.003 डॉलर के आसपास थी। और 2011 में $1 से $30 तक इसकी कीमत थी।

2013 में इसकी कीमत $11 से $1100 थी। 2017 में इसकी कीमत $1100 से $20000 थी 2020 में $20,000 से $40,000 थी और 2021 में इसकी कीमत 68,789 डॉलर तक पहुंच गई।

2022 में बिटकॉइन की कीमत में गिरावट आई और यह 35,622 डॉलर तक पहुंच गई। 2023 में यह फिर से बढ़ना शुरू हो गई।

बिटकॉइन की कीमत में हर दिन उतार चढ़ाव होता रहता है यदि आपको बिटकॉइन की कीमत जाननी है तो आप गूगल पर बिटकॉइन टुडे प्राइस टाइप करके सर्च कर सकते हो आपको बिटकॉइन की उस दिन की कीमत पता चल जाएगी इस तरह आप 1 बिटकॉइन की कीमत पता कर सकते हैं।

और भी पढे : शीबा इनु क्या है

बिटकॉइन कैसे खरीद और बेच सकते हैं | How To Buy And Sell Bitcoin?

बिटकॉइन कैसे खरीद और बेच सकते हैं:- बिटकॉइन को खरीदने के लिए आपको किसी क्रिप्टो एक्सचेंज ऐप या वेबसाइट का सहारा लेकर बिटकॉइन अकाउंट बनाना पड़ेगा।

इंडिया में बहुत से क्रिप्टो एक्सचेंज है इसमें सबसे पॉपुलर wazirX और coinswitch cuber है। यहां से आप बिटकॉइन कभी भी खरीद सकते हैं और बिटकॉइन बेच भी सकते हैं। 

इसके लिए आपको इनके मोबाइल ऐप को डाउनलोड करना पड़ेगा और वहां पर आपको signup करना पड़ेगा साइन अप आपको अपना मोबाइल नंबर या gmail से करना होगा इसके बाद इसमें आपको अपने KYC करनी होगी। मतलब आपके डॉक्यूमेंट यहां पर अपलोड करनी होगी

जैसे कि वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट तो जैसे कि आप यह सारे डॉक्यूमेंट सबमिट कर देंगे उसके बाद कंपनी आपके डॉक्यूमेंट को वेरीफाई करेगी और आपका अकाउंट 24 घंटे में एक्टिवेट कर देगी।

उसके बाद आप अपनी आईडी लॉगइन करके अपने बैंक अकाउंट से पैसा डिपॉजिट कर सकते हैं और बिटकॉइन खरीद और बेच सकते हैं।

बिटकॉइन कितना खरीद सकते है | How much can I buy bitcoin?

बिटकॉइन कितना खरीद सकते है :- बिटकॉइन को आप जितना चाहिए उतना खरीद सकते हैं। इसकी कोई सीमा नहीं ऐसा नहीं है कि बिटकॉइन की प्राइस $40000 है तो आपके पास उतना ही पैसा होना चाहिए बिटकॉइन आप 0.001 भी खरीद सकते हैं। बिटकॉइन आप जितना चाहे उतना खरीद सकते हैं आप चाहे ₹100 रुपए, ₹1000 रुपए, या ₹100000 का खरीद सकते हो यह आपकी मर्जी है।

यह आपको सतोषी में आएगा संतोषी का मतलब 1 बिटकॉइन के नीचे का आकडा होता है। आप इसे जब चाहे तब बड़ी आसानी से बेच भी सकते हैं और इसके पैसे आप अपने बैंक अकाउंट में डायरेक्ट की ट्रांसफर कर सकते हैं यह बहुत ही आसान है।

और भी पढे : जानिये Ethereum क्या है 

डिसेंट्रलाइज मतलब क्या होता है | What Is Mean By Decentralized?

डिसेंट्रलाइज मतलब क्या होता है:- डिसेंट्रलाइज मतलब यह किसी भी सेंट्रलाइज अथॉरिटी के अंदर नहीं आती और इससे जुड़े कोई भी रूल्स एंड रेगुलेशन होते हैं वह इसकी कमेटी ही डिसाइड करती है। इसका किसी भी गवर्नमेंट या किसी भी पर्टिकुलर सेंटर अथॉरिटी से संबंध नहीं नही होता है।

जैसे कि किसी कंट्री क्रिप्टो करेंसी को बैन कर दिया इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि वह क्रिप्टो करेंसी ऑल वर्ल्ड में बैन हो गई आप उसे किसी भी और कंट्री में यूज कर सकते हैं जहां उसे यूज़ किया जाता है।

यह आपको सतोषी में आएगा संतोषी का मतलब 1 बिटकॉइन के नीचे का आकडा होता है। आप इसे जब चाहे तब बड़ी आसानी से बेच भी सकते हैं और इसके पैसे आप अपने बैंक अकाउंट में डायरेक्ट की ट्रांसफर कर सकते हैं यह बहुत ही आसान है।

क्रिप्टो करेंसी की किंमत कैसे बढती और घटती है | How Does The Price Of a Cryptocurrency Rise And Fall?

क्रिप्टो करेंसी की किंमत कैसे बढती और घटती है:- क्रिप्टो करेंसी पूरी तरीके सेे क्रिप्टोग्राफी के ऊपर है इसके जो भी रूल्स और रेगुलेशन होते हैं वह पहले से ही क्रिप्टोग्राफी के आधार से बनाए गए हैं। अब जो भी इसकी कीमत होती है वह इसको यूज करने वालेे लोग ही डिसाइड करते हैं जिन्हें हम buyer और seller भी कहते हैं। 

क्रिप्टो करेंसी की कीमत पूरी तरह उनकी डिमांड पर डिपेंड करती है जैसा कि आपको पता ही होगा किसी भी चीज की डिमांड बढ़ती है तो उसकी कीमत भी बढ़ती जाती है। ऐसा ही क्रिप्टोकरंसी के साथ में भी होता है अगर किसी भी क्रिप्टो करेंसी की डिमांड बढ़ती है तब उसकी कीमत भी बढ़ती है।

बिटकॉइन मायनिंग क्या होती है | What Is Bitcoin Mining ?

क्रिप्टो करेंसी की किंमत कैसे बढती और घटती है:- क्रिप्टो करेंसी पूरी तरीके सेे क्रिप्टोग्राफी के ऊपर है इसके जो भी रूल्स और रेगुलेशन होते हैं वह पहले से ही क्रिप्टोग्राफी के आधार से बनाए गए हैं। अब जो भी इसकी कीमत होती है वह इसको यूज करने वालेे लोग ही डिसाइड करते हैं जिन्हें हम buyer और seller भी कहते हैं। 

क्रिप्टो करेंसी की कीमत पूरी तरह उनकी डिमांड पर डिपेंड करती है जैसा कि आपको पता ही होगा किसी भी चीज की डिमांड बढ़ती है तो उसकी कीमत भी बढ़ती जाती है। ऐसा ही क्रिप्टोकरंसी के साथ में भी होता है अगर किसी भी क्रिप्टो करेंसी की डिमांड बढ़ती है तब उसकी कीमत भी बढ़ती है।

बिटकॉइन मायनिंग क्या होती है:- हर नया बिटकॉइन एक सक्सेसफुल ट्रांजैक्शन से बनता है उदाहरण के तौर पर यदि आपके पास कोई बिटकॉइन है। और आप उस बिटकॉइन को बेचना चाहते हैं तो आप बिटकॉइन एक्सचेंज के साइट पर जाएंगे और बिटकॉइन एक्सचेंज का रिक्वेस्ट करेंगे उसके बाद हजारों लोग बिटकॉइन खरीदने के लिए आपसे कांटेक्ट करेंगे।

जब आप बिटकॉइन को किसी को सेंड करोगे तो उस ट्रांजैक्शन को वेरीफाई करने के लिए कोई चाहिए जो आपके द्वारा सेट किए बिटकॉइन को वेरीफाई कर के उस खरीदार तक पहुंचाए क्योंकि बिटकॉइन के लिए कोई ऑथराइज बैंक नहीं होता है।
जो आपके ट्रांजैक्शन को वेरीफाई करें इसलिए बहुत से लोग बिटकॉइन वेरिफिकेशन के लिए अपना वेरीफिकेशन सेंटर खोलते हैं जैसे ही आप बिटकॉइन सेंड करेंगे तो बिटकॉइन पहले इन वेरिफिकेशन सेंटर पर जाता है और जो भी वेरिफिकेशन सेंटर बिटकॉइन के मैथ को पहले कॉल कर लेता है।

और उस ट्रांजैक्शन को सक्सेसफुल कर देता है उस वेरिफिकेशन सेंटर को इनाम में कुछ बिटकॉइन्स मिल जाते हैं और इसी तरह नए बिटकॉइन्स बनते हैं। इसी प्रोसेस को हम बिटकॉइन माइनिंग बोलते है। दुनिया में बहुत कम लोगों को ब्लॉकचेन के बारे में पता है। यह एक टेक्नोलॉजी है जो बिटकॉइन या अदर सर्विस को एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचाने का काम करती है। 

उदाहरण :- 

अगर एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति को इंडिया से लंदन पैसा को भेजना है तो इसके लिए ट्रस्टेड थर्ड पार्टी की जरूरत है।जैसे कि बैंक, वेस्टर्न यूनियन, Paypal और इस सिस्टम में 1 दिन से 3 दिन का टाइम लगता है। और कुछ अमाउंट चार्जेस भी लगते हैं। 

पर ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी से यह पैसा किसी भी आदमी को दुनिया के किसी भी कोने में भेज सकते । हैं और इसके लिए कुछ मिनटों का ही समय लगता है और ट्रांजैक्शन फी भी बहुत कम है। ब्लॉकचेन बनाया गया था 2008 में और यह अविष्कार किया था सतोशी नाकामोतो ने बिटकॉइन के यूज़ के लिए। 

ब्लॉक चैन स्टार्ट हुआ था बिटकॉइन के लिए लेकिन आप बहुत से ओल्ड कॉइन भी आ चुके हैं ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर जैसे कि Etherium, Ripple(XRP), ADA, Matic, Dogecoin ऐसे बहुत सारे ब्लॉकचेन ऐप ओपन लेसर है। इसमें किसी भी एक नेटवर्क में जितने भी लोग रहते हैं उन सबको पता होता है कि कौन किसको पेमेंट कर रहा है और कितना कर रहा है।

और इस नेटवर्क में सभी लोग डिसाइड कर सकते हैं कि यह लेनदेन वैलिड है या नहीं है। और आप इसमें ट्रांजैक्शन करते हो यह ट्रांजैक्शन हजारों कंप्यूटर के डेटाबेस में रहेंगे इसलिए ब्लॉकचेन हॅक करना मुश्किल है। यदि इसे हैक करना है तो एक साथ हजारों कंप्यूटर को हैक करना पड़ेगा इसी कारण की वजह से ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को सुरक्षित माना जाता है।

ब्लॉकचेन बनाया गया था 2008 में जब डिजिटल करंसी बिटकॉइन का आविष्कार हुआ था बिटकॉइन डीसेंट्रलाइज क्रिप्टो करेंसी है। जो कि किसी भी बैंंक के अंडर मेंं नहीं है। ब्लॉकचेन का यूज़ क्रिप्टो करेंसी से शुरू हुआ और इसका यूज धीरे धीरे पब्लिक सेक्टर और गवर्नमेंट के लिए रिसर्च में है जैसे कि सरकारी लीगल डॉक्यूमेंट.

उदाहरण:- 

किसी की प्रॉपर्टी का डॉक्यूमेंट जो कि पब्लिक रजिस्टर द्वारा किया जाता है जो कि यह प्रूफ है कि इस प्रॉपर्टी का खरीदार यह आदमी है अभी यह पॉसिबिलिटी है कि भविष्य में पब्लिक रजिस्टर का काम ब्लॉकचेन करें क्योंकि ब्लॉकचेन से दर्ज हुए डॉक्यूमेंट की उतनी ही मान्यता होगी जितनी पब्लिक रजिस्टर कि हैं।

ब्लॉकचेन पब्लिक होने के कारण से इसमें घोटाला के चांसेस नहीं है। ब्लॉकचेन में डाटा खोनेे की भी चांसेस नहीं है। जैसे कि कंप्यूटर के हार्ड डिक्स सीपीयू खराब हो जाते हैं तो कंप्यूटर काम नहीं करती पर ब्लॉकचेन में लाखों कंप्यूटर होते हैं इसमें से एक दो या सौ कंप्यूटर खराब हो जातेे हैं तो भी ब्लॉकचेन का काम रुकता नहीं है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पे क्रिप्टो करेंसी यूज हो रही है आने वाले टाइम में बैंकिंग सेक्टर बी ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का यूज कर सकती है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी एक डिस्ट्रीब्यूटर डेटाबेस है यह डाटा एक या दव कंप्यूटर में नहीं रहते यह हजारों लाखों कंप्यूटर में रहते हैं।  

ब्लॉकचेन  का हर एक कंप्यूटर हर एक रिकॉर्ड को हिस्ट्री में रखते हैं और यह डाटा पूरी तरह गोपनीय है किसी भी डिजिटल इंफॉर्मेशन को सेव और सिक्योर करने के लिए ब्लॉकचेन का इस्तेमाल होगा। हर डिपार्टमेंट धीरे-धीरे ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी को अपना नहीं लगेंगे यूनिवर्सिटी की डिग्री या पासपोर्ट हो। 

यदि ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी पर चले गए तो इसका हैक करना मुश्किल हो जाएगा और कोई फर्जी भी नहीं बना पाएगा।
और सरकार के तहत किसी गरीब व्यक्ति को या किसी स्टूडेंट को स्कॉलरशिप देने हो या किसी प्राथमिक आपदा केे पीड़ित को कुछ भुगतान करना हो तो किसी थर्डड पार्टी के बिनाा ही ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी से सीधा उन तक पैसाा पहुंच जाएगा। 

इससेे थर्ड पार्टी्  के तरफ से करप्शन होनेे की भी चांसेस नहीं रहेंगे तो देश के हित केे लिए सही टेक्नोलॉजी अपनानी चाहिए।
ब्लॉकचेन और क्रिप्टो करेंसी के हर अपडेट के लिए जुड़ेेे रहे हमारे साथ अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो आप क्रिप्टो करेंसी केेे बारे में और भी बहुत कुछ जान सकते हैं हमने बहुत ही सरल तरीके से क्रिप्टो करेंंसी के बारे में सारी जानकारी दी है।

बिटकॉइन इंडिया में लीगल है या नहीं | Is bitcoin legal in India?

बिटकॉइन इंडिया में लीगल है या नहीं:- अगर हम इंडिया में क्रिप्टो करेंसी की legality की बात करते हैं तो दो हजार अट्ठारह में आरबीआई ने एक सर्कुलर जारी करते हुए किट्टू करेंसी को रखना क्रिप्टो करेंसी को माइनिंग करना और क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग करना किस को पूरी तरीके से बंद कर दिया था।

लेकिन बाद में सेम सर्कुलर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 2020 को इसको निरस्त कर दिया लेकिन बहुत सारे बैंक 2018 के सर्कुलर को लेकर कंफ्यूज थे इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए आरबीआई ने 31 मई 2021 को एक नया सर्कुलर जारी किया और सभी बैंकों का इंस्ट्रक्शन दिए के 2018 वाला जो सर्कुलर था क्रिप्टोकरंसी को लेकर वह सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरीके से निरस्त कर दिया है।

इसीलिए उसको मेंशन करना बंद कर दें इसका मतलब यह नहीं इंडिया में तो करेंसी लीगल हो गई इंडिया में क्रिप्टोकरसी के ऊपर कोई कानून नहीं हैना तो इंडिया के अंदर क्रिप्टो करेंसी लीगल है और ना ही इंडिया के अंदर क्रिप्टोकरंसी इल्लीगल है क्रिप्टो करेंसी के कानून को लेकर राज्यसभा और लोकसभा में कई बार प्रश्न उठ चुके हैं।

और इसके चलते हुए इंडिया के अंदर क्रिप्टो करेंसी को लेकर जल्द कानून बन सकता हैफरवरी 2022 में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीताराम जी ने बताया के इंडिया में क्रिप्टो करेंसी पर 30%  टैक्स वसूला जाएगा यह टेक्स आपके क्रिप्टो करेंसी पर जो मुनाफा हुआ है उस पर लगाया जाएगा इसका मतलब सरकार इसे बैन करना नहीं चाहती है।

यदि आपको हमारी दी हुई जानकारी पसंद आई तो आप हमारे और भी ब्लॉग पढ़ सकते हैं हम आपकी ऐसी और भी जानकारी Gyan Ki Baatein इस वेबसाइट पर देते रहेंगे धन्यवाद

Comment Here